रविवार, 27 नवंबर 2016

नहीं रहे क्यूबा की क्रांति के जनक और वामपंथ के स्तम्भ फिडेल कास्त्रो



फिडेल कास्त्रो एक घोर अमरीका विरोधी वामपंथी थे। क्यूबा की क्रांति के इस जनक को 1952 में 18 साल की जेल हुई मगर 1955 में माफ़ी दे दी गयी और ये मैक्सिको चले गए वहां इनकी मुलाकात चे घिवेरा से हुई ..वहां से सन 1956 में वामपंथी आतंकी चे घिवेरा के साथ 81 लोग वापस क्यूबा आये और क्यूबा में घुसते ही इनसे क्यूबा की पुलिस से मुठभेड़ हुई और 18 जिन्दा बचे जिसमे फिडेल और घिवेरा भी शामिल थे..2 राइफल और 18 लोगो के साथ शुरू हुआ सत्ता से संघर्ष ,1959 में क्यूबन तानाशाह फुलखेंशियो बतिस्ता को गद्दी से हटाकर फिडेल के सत्ता प्राप्त करने पर खत्म हुआ..कास्त्रो 47 साल तक क्यूबा के प्रधानमंत्री रहे..सिगार तथा बेसबॉल के शौक़ीन और यूएन में सबसे लंबा भाषण (लगभग साढ़े चार घंटे लगातार) देने वाले फिडेल कास्त्रो को सेक्स के लिए दिन में 2 से 3 अलग अलग लड़किया अपने बिस्तर पर चाहिए थी। क्यूबा के इस वामपंथी तानाशाह नेता के नाम कई जनसंहार और बिस्थापन दर्ज है मगर फिडेल के खाते में एक ऐसे क्रन्तिकारी तानाशाह(एकदलीय प्रणाली की छाया में बैठा हुआ तानाशाह) की छवि भी है जो अमरीका को आजीवन नाको चने चबवाता रहा.मगर इसी कारण क्यूबा पूरे विश्व से अलग थलग हो गया और वहां की अर्थव्यस्था तबाह हो गयी..फिडेल कास्त्रो एक ऐसा कम्युनिष्ट तानाशाह जिसके विरोधियों के पास दो ही रास्ते होते थे या तो वो मारे जायेंगे या क्यूबा छोड़ देंगे...फिडेल कास्त्रो एक ऐसा कम्युनिष्ट तानाशाह जिसे अमरीका समेत कई ख़ुफ़िया एजेंसिया मिल कर भी नहीं मार पाई..CIA ने फिडेल कास्त्रो को मारने के लिए 650 से ज्यादा बार प्रयास किये मगर अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी हर बार विफल रही..
एक बार नास्तिक वामपंथी फिडेल कास्त्रो ने कहा था की मैं भगवान को नहीं मानता था मगर CIA और अमरीका द्वारा कई दशको तक मुझे मारने के सैकड़ो प्रयास के बाद भी मैं जीवित बचा हूँ,इससे मुझे लगने लगा है की भगवान होता है...
खैर आज फिडेल कास्त्रो इस दुनिया में नहीं है और शोक के साथ साथ एक बड़ा हिस्सा हवाना में जश्न भी मना रहा है..आने वाला समय और क्यूबा की अगली पीढी इस वामपंथी कम्युनिष्ट तानाशाह का क्यूबा के निर्माण (या विध्वंस)में योगदान को तय करेगी..
आशुतोष की कलम से

रविवार, 9 अक्तूबर 2016

औचित्यहीन तीन तलाक प्रथा (triple talaq)

मुस्लिम महिलाओं के संगठन ने तीन बार तलाक की प्रथा के खिलाफ अर्जी दी है और सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से उनकी राय जाननी चाही..केंद्र सरकार स्पष्ट रूप से उन महिलाओं के साथ खड़ी है और तीन तलाक प्रथा को औचित्यहीन बताया है..भारत तथाकथित और क़ानूनी रूप से एक सेकुलर देश है तो कानून सबके एक जैसे हो इससे भी इतर कई मुश्लिम देश तीन तलाक प्रथा के खिलाफ है तो भारत क्यों नहीं?? मानवाधिकार की दृष्टि से देखे दरअसल तीन तलाक प्रथा नारी शोषण के लिए उपयोग की जा रही है..
अगर कोई मुस्लिम युवक अपनी पत्नी को तीन बार तलाक तलाक तलाक बोल दे तो हो गया तलाक..कभी कभी दारु के नशे में बोल दे तलाक तलाक तलाक तो हो गया तलाक..कभी लड़ाई हुई और जोश में बोल दिया तलाक तलाक तलाक तो हो गया तलाक....अब रही बात जीवन यापन कैसे करेगी तो कांग्रेस के राजीव गांधी ने शाह बानो केस में सुप्रीम कोर्ट के मुह पर थप्पड़ मारते हुए मुसलमान समुदाय के लिए कानून बना के ये निश्चित कर दिया की शौहर फूटी कौड़ी नहीं देगा तलाक के बाद... और तो और शौहर को अगर गलती का पछतावा हुआ तो इससे बड़ी पीड़ा उसकी पत्नी झेलेगी.मुस्लिम विवाह नियमो के अनुसार पहले वो किसी और शक्श से शादी करेगी उसके साथ सोयेगी फिर वो व्यक्ति उसको तलाक तलाक तलाक करके तलाक दे देगा उसके बाद वो पुनः अपने पुराने शौहर के पास चली जायेगी...
ये कैसा अत्याचार???गलती दारू के नशे में शौहर करे और भुगतान उसकी बेगम दूसरे के बिस्तर पर करे..क्षमा कीजिये ये भारत है इराक सीरिया लीबिया या सूडान नहीं..
सभी मुस्लिम संगठनो को आगे आके एक सुर में इस अत्याचारी प्रथा का विरोध कर मुस्लिम महिलाओं को सशक्त बनाने में सहयोग करना चाहिए..विश्वास रखिये कठमुल्ले इसका विरोध करेंगे,फतवे देंगे मगर एक बार मुस्लिम बहनो ने ये बाधा पार कर ली तो विकास की अनंत संभावनाएं सामने हैं...
सबका साथ सबका विकास
जय हिन्द
आशुतोष की कलम से

गुरुवार, 7 जुलाई 2016

आतंक का मजहब (Religion_of_Terror‬)

आशा है की इस पोस्ट से तर्क और सत्य स्वीकारने वाले राष्ट्रवादी मुस्लिम बंधुओं की भावना आहत नहीं होगी..मैं बहुत स्पष्टता से कहना चाहता हूँ की आतंक का स्थापित मजहब इस्लाम है और पूरा विश्व इसे सदियों से देख रहा है। जो मुसलमान भाई आतंकवादी गतिविधियों से दूर है उन्हें इस सच से कष्ट नहीं होना चाहिए।

पड़ोस के बांग्लादेश में आतंकवादियों ने हमला किया और कुछ लोगों को बंधक बना लिया। यहाँ तक इसे मैं धर्म से दूर रख सकता था मगर बंधकों की हत्या का क्राइटिरिया क्या बनाया इन्होंने??
"हाथ में अरबी में लिखी कुरान दे दी और जिसने कुरान की आयते पढ़ लीं उन्हें जाने दिया जो कुरान की आयते नहीं पढ़ पाये उन्हें रमजान के पाक माह में,अल्ला हो अकबर के नारे के साथ उनके गले को चाक़ू से रेतकर मार डाला गया ....."
कुरान न पढ़ पाने वालों की हत्या करते ही आतंक का मजहब स्थापित हो गया..न तो कुरान न पढ़ पाने वालों की हत्या करने का ये पहला मामला है,न ही ये आखिरी होगा..पुरे विश्व में ये हो रहा है और पूरा विश्व आँखों पर सेकुलर चश्मा लगाये हुए बैठा है..
क्या आप को याद आ रहा है की पूरे विश्व में कितनी घटनाएं हुई हैं जब "वेद" "गीता" "रामचरितमानस","ओल्ड या न्यू टेस्टामेंट","गुरु ग्रन्थ साहिब","जींद अवेस्ता" न पढ़ पाने वाले की आतंकवादियों ने हत्या की हो..शायद नहीं या कोई खोद कर ले आये तो 50-100 सालों में एक बार.मगर कुरान के नाम पर रोज हत्या,अल्लाह के नाम पर रोज बम विस्फोट...ये कौन सा मजहब है ये कौन सा धर्म है???
भारत में स्थिति में सबसे दुखद वर्तमान मुसलमान बिरादरी का भ्रम है की वो औरंगजेब और बाबर की औलाद हैं। 99% मुसलमान ये सत्यता जानते हैं और मन ही मन मानते भी हैं की उनके पुरखे हिन्दू थे और इसी प्रकार गला रेतकर,बलात्कार,जजिया के दम पर कलमा पढ़वाया गया उनसे..मगर आज हो क्या रहा है ISIS के 5 संदिग्ध आतंकवादी पकडे जाते हैं तो ओवैसी उनके लिए करोडो के वकील ले कर खड़े हैं।अब्दुल कलाम के जनाजे में भले ही मुट्ठी भर लोग रहे मगर "आतंकवादी याकूब मेमन" का जनाजा धूमधाम से निकलेगा..लादेन के लिए जयपुर के मस्जिद में नमाज होगी और कश्मीर में भारत मुर्दाबाद होगा..
बात सिर्फ हिन्दू मुसलमान की नहीं है बात है दुनिया के दो धड़ों की , नमाजी और काफ़िर..अभी बांग्लादेश में या भारत में नमाजी काफ़िर को मार रहा है "काफ़िर" वही जो कुरान नहीं पढ़ पाये..इससे भी आगे बढे तो असली कहानी है खूनखराबे के मूल से उदभव की..
पाकिस्तान,अफगानिस्तान,सीरिया,कुवैत,लेबनान लीबिया,सूडान...... यहाँ जितने गैरमुस्लिम काफ़िर थे उन्हें या तो मार डाला गया या वो भारत के वर्तमान मुसलमानो की तरह नमाजी बन गए..मगर फिर भी रोज वहां हत्याएं हो रही है.वहां नमाजी में भी 3 टाइम वाला या 5 टाइम वाला देखकर गला रेता जा रहा है.मतलब खूनखराबे का कोई न कोई रास्ता निकाल लिया जायेगा. जैसे केजरीवाल हर बात पर मोदी की माला जपता है इस्लामिक बुद्धिजीवी हर बात में अमरीका के हाथ की माला जपते हैं जबकि लादेन,अल जवाहिरी,आईएसआईएस, जैसे आतंकवाद के स्थापित और अमिट हस्ताक्षर मस्जिदों में तकरीर करके ही आगे बढे हैं..
सभी मुस्लिम भाइयों से अनुरोध है की सत्य स्वीकारिये और इनका प्रत्यक्ष या परोक्ष समर्थन बंद करें क्योंकि जब कोई "काफिर" नहीं रहेगा तो ये आग आप के घर में भी लगेगी. आज वही देश ज्यादा सुरक्षित हैं जहाँ काफिरों की संख्या ज्यादा है.. भारत के सभी काफिरों(गैरमुश्लिम) और सूवरों(छद्मसेकुलर) को सन्देश ये है की इस भुलावे में न रहे की आप बचे हैं अलकायदा का भारतीय चीफ संभल उत्तर प्रदेश का है और ISIS के समर्थन में मुकदमा लड़ने वाले ओवैसी बंधू भारत के ही हैं. अरीब मजीद ISIS का जेहादी  महाराष्ट्र का है तो यूपी वाले सीरिया में शहादत दे आये हैं.. तो आप या तो प्रतिउत्तर के लिए तैयार रहें या मरने के लिए....
एक रास्ता और भी है "कुरान की कुछ आयते याद कर लें,शायद अगली बार आपका गला कटने से बच जाये"...

शुक्रवार, 11 मार्च 2016

भारतीय सेना बलात्कारी है: कांग्रेसी सपोला कामरेड कन्हैया

कांग्रेस,कम्युनिष्ट और केजरीवाल का पाला हुआ एक सपोला अपनी जेएनयू की बिल से बोल रहा है की भारतीय सेना बलात्कारी है..
मेरा प्रश्न उस सपोले से नहीं उसे दूध पिलाने वाले कांग्रेसी,वामपंथी और केजरीवाल की टोपी गैंग से है।
बाढ़ से लेकर पुल बनाने तक सेना चाहिए। जब आतंकवादियों से तुम्हारी पैंट गीली पीली हो तो भी सेना चाहिए जब भूकंप में तुम्हारा घर तबाह हो तो सेना चाहिए और जब सीमा पर गोली चले तब तो सेना चाहिए ही..कई कांग्रेस,वामपंथी,केजरीवाल जैसे नेताओं ने अपने घरों की महिलाओं की सुरक्षा में सेना को तैनात कर रखा है तो अगर सेना बलात्कारी है तो तुम सबकी बहनो,बेटियों और पत्नियों का बलात्कार हुआ होगा जिन्होंने सैनिको की सुरक्षा या सेवा ली है..
सबसे पहल प्रश्न तो जेएनयू के गद्दारों के साथ खड़े राहुल गांधी के वंशावली पर हो जायेगा क्योंकि उनके नाना,दादी,दीदी, मम्मी सबने भारतीय सेना की सेवाएं ली हैं और ले रही हैं.केजरीवाल जी आप की बिटिया और पत्नी भी यदा कदा सुरक्षा लेती हैं..वामपंथियों का क्या कहना सेना के जवान के मरने का जश्न भी मनाते हैं और सुरक्षा में सेना का जवान भी चाहिए..
यदि सेना बलात्कारी है तो 24 घंटे सेना के भरोसे साँस लेने वालों तुम सब अपने पिता की संतति कैसे हो गए??तुम सबकी बाप हुई #भारतीय_सेना..
कांग्रेसियों,कम्युनिष्ट और केजरीवाल के गुंडों Narendra Modi को गाली देना स्वीकार है मगर देश को या भारतीय सेना को गाली देकर तुम ये साबित कर दे रहे हो की तुम्हारे जन्म से 9 माह पहले तुम्हारी अम्मीजान जरूर लाहौर के "हीरामंडी" का पर्यटन करके आई होंगी...

 आशुतोष की कलम से
 टवीट:  @ashu2aug

बुधवार, 10 फ़रवरी 2016

‪#बाबर ‪#‎औरंगजेब या ‪#‎राम ? किसके हैं भारत के ‪#‎मुसलमान??


जो मुसलमान खुद को बलात्कारी बाबर,अकबर,

औरंगजेब की संतति मानकर दम्भ में हैं वो सच्चाई जान लें की उनके पुरखे राम और कृष्ण थे ये राम की धरती है और वो भी राम के रहे हैं। अत्याचार और परिस्थिति वश उन्होंने अपनी पूजा पद्धति बदल ली मगर इससे उनके बाप(पुरखे) नहीं बदल जायेंगे..अब कुछ तथ्य जान लीजिये...
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◆◆अल्लामा इक़बाल: कश्मीरी पंडित सहज सप्रू के वंशज
◆◆फारुख अब्दुल्ला:कश्मीरी पंडित राघो राम क़ौल के वंशज
◆◆ क्रांतिकारी अब्दुल करीम: आचार्य कृपलानी के सगे भाई ।
◆◆मुहम्मद अली जिन्ना : गुजराती कच्छ के हिन्दू के वंशज
◆◆सिकन्दर हयात खान : ब्राम्हण पुरखों के वंशज
◆◆ऐ आर रहमान: पहला नाम दिलीप कुमार बाद में परिवार ने धर्म परिवर्तन कर लिया
◆◆शायर हाफिज जालंधरी: राजपूत पुरखों के वंशज
◆◆कवि मुसाफी : राजपूत पुरखे
◆◆इतिहासकार शिबली नेमानी: राजपूत पुरखे
◆◆ बंगाल के मुख्यमन्त्री फज़ुल हक़:हिन्दू पुरखे
◆◆ हैदराबाद रियासत के प्रधानमंत्री रहे सर अकबर हैदरी: गुजराती हिन्दू के वंशज
◆◆ क्रन्तिकारी एवं लेखक उबेदुल्ला सिंधी: सिक्खों के वंशज
◆◆ सर फिरोजखान नून: परदादा राजपूत खानदान के
◆◆ जुल्फिखार अली भुट्टो: हिन्दू माँ की संतति
◆◆ पूर्व श्रम मंत्री आबिदअली जफरभाई:कच्छ के हिन्दू पूर्वजों के खानदान से
◆◆पूर्व हैदराबाद रियासत के प्रधानमंत्री नवाब छतारी : हिन्दू पूर्वज के वंशज
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अब कुछ मुसलमान जातियों के बारे में जान लें...
◆◆मुस्लिम पटेल- गुजरात में पाई जाने वाली प्रमुख मुस्लिम जाति | इनके नाम जैसे अहमद पटेल..१५ वि सदी में मुख्यत: इस जाति के लोगो ने मुस्लिम धर्म कोस्वीकार कर लिया | ये अपना मूल हिंदू धर्म को मानते हे | हिंदुओं में भी पटेल जाति पाई जाती हे | आज भी ये लोग कई हिंदू परम्परा को ये मानते हे, इनकी गोत्र गंगात, दलाल, देसी मुंशी आदि हिंदू सम्कक्ष में भी मिलते हे | यह जाति मुख्यत: अपने समाज में ही शादी करती
◆◆ पिंजारा या पिनारा मुस्लिम - रुई की धुनाई का कार्य करने वाली मुस्लिम जाति हे | ये लोग ११ वि सदी में औरंगजैब के समय मुस्लिम धर्म में परिवर्तित हुए थे | किन्तु कुछ हिंदू धर्म के रीतियो और अपने बिरादरी में ही शादी करने की प्रथा हिंदू मूल को इंगित करती हे, ये लोग गो मांस नहीं खाते हे और हिंदू रस्म, खोल भारवो को मानते हे
◆◆|कुछ गुजराती मुस्लिम जातीय जेसे लोहना मेमन आदि भी हिंदूधर्म से ही परिवर्तित हुए हे |*
◆◆वघेर- एक मुस्लिम जाति जिसका शाब्दिक अर्थ हे चमर से हवा देने वाली - ये भी हिंदू धर्म से परिवर्तित मुस्लिम जाति और हिंदू समकक्ष वाघेर जाति भी गुजरात में पे जाती हे | ये लोग गो मांस नहीं खाते और सिर्फ अपनी समाज में ही शादी करते | इनकी गोत्र शेठ, जडेजा, सोलंकी जो की प्रमुख राजपूत गोत्रों के समान जान पड़ती
◆◆ सिंधी मुस्लिम- थे अपने आपको हिंदुओं से परिवर्तित मानते हे और अपना मूल हिंदू राजपूत से मानते हे | इनके प्रमुख अटक या गोत्र इस प्रकार राव, टाक, देवड़ा, चोहान।
◆◆अतर - महाराष्ट्र में पाई जाने वाली एक मुस्लिम जाति हे| ये लोग १२९४ से १६७४ इस्वी में धर्म परिवर्तित हुए थे
◆◆मांग गरुडी- मुस्लिम समाज में भी मांग गरुडी जाति पाई जाती |
◆◆ मुस्लिम भांड- यह भी एक मुस्लिम जाति हे जो कहानिया कहती हे, यह जाति सिर्फ बिरादरी में ही शादी करती हे|
◆◆ मंसूरी या रंगरेज- ये लोग अपना मूल राजपूत जाति को मानते हे | इनके अनुसार रण स्वरुप सिंह के समय ये राजस्थान से गुजरात आए और यहाँ पर धर्मान्तरण कर लिया | आज भी इनकी प्रमुख गोत्र - राव, देवड़ा, टाक चोहान भाटी जोकि राजपूत गोत्र भी ◆◆ बोहरा- यह पश्चिमी भारत में पाई जाने वाली एक मुस्लिम जाति जो शिया समुदाय को मानती हे | यह एक व्यापार आदि में सलग्न रहती हे | असगर अली इंजिनियर के अनुसार बोहरा समुदाय स्थानीय भारतीय जातियों के धर्म परिवर्तन से ही बनी हे | ये लोग अपने समाज में ही शादी करते हे | आज भी कई हिंदू प्रथाओं को इनके जीवन में देखा जा सकता |
◆◆ देशवली- ये लोग राजपूत जातियों से परिवर्तित मने जाते, देशवाली का अर्थ होता हे देश के रक्षक | इन लोग का धर्म परिवर्तन मोह. गोरी के समय हुआ था ऐसा मन जाता हे | ये लोग गो मांस नहीं खाते हे |
◆◆ चेजरा- इन्हें मिस्त्री जाति के नाम से भी जाना जाता |येलोग राजपुट जाति से परिवर्तित, जो मो. गोरी के समय परिवर्तित हुऐ थे | ये लोग गो मांस नहीं खाते | इनकी प्रमुख गोत्र चोहन, सोलंकी सिसोदिया हे जोकि प्रमुख राजपूत जातियों की गोत्रे भी हे |
◆◆ कश्मीरी मुसलमानों के उपनाम-पंडित, भट्ट, जुत्शी, किचलू तथा ऐसे ही अन्य उपनाम स्पष्ट बताते हैं की ये सभी हिन्दू रहे हैं..
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समस्या पूजा पद्धतियों से नहीं है कोई अजान करे या कोई भजन..मगर अजान करने,भजन करने से,गुरुद्वारा जाने या क्रास लटकाने से हमारे पुरखे नहीं बदल जायेंगे.. और ये तथ्य बताने के लिए पर्याय हैं की आप "बाबर और औरंगजेब के अवैध बिज" न होकर "राम और कृष्ण के शौर्य" की निशानी हो..अतः औरंगजेब के अवैध संतान की जगह आप इंडोनेशियन मुसलमानो की तरह बोल सकते हैं की आप वंशज तो राम के हैं पूजा पद्धति से मुसलमान हैं...
आशुतोष की कलम से

सन्दर्भ साभार: गूगल वेबसाइट,ब्लॉग,विकिपीडिया,

शुक्रवार, 22 जनवरी 2016

सेकुलरिज्म या हिन्दुविरोध की दोगलापंथी (‎Dual_Standerd)

  गाय काट के खाने के खिलाफ बोलना या प्रदर्शन करना अपराध और गुंडागर्दी माना जाता है.गाय खाना मौलिक अधिकार बन जाता है, मगर बैल को काबू करने का खेल जलीकट्टू "बैलों" पर अत्याचार माना जाएगा..
मस्जिद में महिला नमाज नहीं पढ सकती ये धार्मिक स्वतंत्रता है मगर किसी विशेष शनि मंदिर में तेल चढाने से रोकते ही महिलाओं का उत्पीड़न शुरू हो जाता है.
मूर्तियों और मूर्तिपूजा को हराम मानने वाला "नमाजी नौशाद अहमद खान" सबरीमाला मंदिर में इतनी श्रद्धा दिखाता है की बिना हिन्दू परम्परा को जाने समझे "मासिक धर्म की आयु वर्ग वाली स्त्री का मंदिर में प्रवेश वर्जित" करने की परम्परा के खिलाफ कोर्ट में चला जाता है यही "नमाजी नौशाद अहमद खान" शरिया के अनुसार बाप द्वारा बेटी का बलात्कार कर देने पर उस बेटी को अपने बाप की बीबी बनाने के फैसले के खिलाफ अपनी बेगम के बुरके में घुस जाता है..
ईद के पावन अवसर पर लाखो ऊँटो,गाय,बकरो,
बैलो,को काट कर खाना जानवरो पर अत्याचार नहीं माना जाता मगर हिन्दू त्यौहार जल्लीकट्टू में बैलों की लड़ाई और बैलगाड़ी दौड़ को जानवरो पर महाअत्याचार माना जाता है और इस पर रोक लगा दी जाती है...
होली खेलना पानी की बर्बादी और ईद पर लाखो करोडो लीटर पानी मांस धुलने और साफ़ सफाई में खर्च करना धार्मिक स्वतंत्रता..
दीपावली पर पटाखे जलाना वायु प्रदूषण और ईसाई नव वर्ष 1 जनवरी पर पटाखे जलाना नव वर्ष सेलिब्रेशन..
हिन्दू स्त्री को पति तलाक दे तो उसे जीवन भर गुजारा भत्ता का अधिकार है जो की होना भी चाहिए मगर जब कोई मुसलमान अपनी बेगम को तलाक दे तो आजीवन गुजारा भत्ता देने का कोई प्रावधान नहीं है.और अगर कोर्ट ने चपड़ चूं की तो कांग्रेस "शाहबानो केस" जैसे कानून को बदल देगी..
मकबूल फ़िदा हुसैन जैसा मुसलमान दुर्गामाँ,
भारतमाँ,लक्ष्मीमाता,सरस्वतीमाँ की नंगी तस्वीरें बनाये तो वो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उसे पुरस्कार दिया जाता है दूसरी ओर अगर कमलेश तिवारी जैसा कोई हिन्दू मुहम्मद साहब को नंगा लिख दे तो उस पर रासुका लग जाता है और गला काटने के लिए पुरे देश में आतंकी जिहाद शुरू हो जाता है.
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ये विचारणीय प्रश्न है की सारे अत्याचार हिंदुओं पर ही क्यों होते हैं??Narendra Modi हो या Pravin Togadia जब तक सुविधा छोड़कर हिन्दू सड़को पर आ के अधिकार हेतु संघर्ष नहीं करेगा अत्याचार ऐसे ही सहना पड़ेगा...


आशुतोष की कलम से

मंगलवार, 12 जनवरी 2016

आर्यभट्ट एवं शून्य के आविष्कार से सम्बंधित भ्रान्ति (Zero in india)

आज कल हिन्दू संस्कृति विरोधीयों ने एक जोक फैलाया है की जब आर्यभट्ट ने शून्य की खोज 500 ईसवीं के लगभग की तो 100 कौरवों और रावण के 10 सर की गिनती किसने की???
◆◆आर्यभट्ट ने शून्य की खोज अपने द्वारा अविष्कृत अक्षरांक पद्धति में किया है न की सभी पद्धतियों में।ठीक उसी प्रकार जैसे किताब को अंग्रेज बुक लिखते हैं इसलिए बुक की खोज करने वाले अंग्रेज हुए मगर उसी को किताब के रूप में किसी और ने खोजा ...
◆◆आविष्कार और शोध में अंतर है । शोध निरंतर चलने वाली एक प्रक्रिया है जबकि आविष्कार नितांत नवीन और अभूतपूर्व होता है । यूँ मेटाफ़िज़िक्स की दृष्टि से देखें तो अभूतपूर्व भी कुछ नहीं होता । सब कुछ रिपीट होता है, बस केवल हमारे सामने जो पहली बार प्रकट होता है हम उसे आविष्कार मान लेते हैं । अग्नि बाण पहले भी थे ... आज भी हैं । बीच के काल में नहीं थे । सभ्यताओं के उदय और अस्त के साथ इन सब चीजों का भी उदय-अस्त होता रहता है । उदय-अस्त का अर्थ केवल एपियरेंस एण्ड डिसएपियरेंस भर है । सूर्य अस्त होने के बाद भी समाप्त नहीं हो जाता । शून्य के अस्तित्व के बिना स्थापत्य कला, विज्ञान, दर्शन आदि के विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती । यह सबसे बड़ा प्रमाण है कि शून्य का अस्तित्व वैदिक काल से भी पूर्व का है ।
◆◆आर्यभट्ट (जन्म 476 ई.) को शून्य का आविष्कारक नहीं माना जा सकता। आर्यभट्ट ने एक नई अक्षरांक पद्धति को जन्म दिया था। उन्होंने अपने ग्रंथ आर्यभटीय में भी उसी पद्धति में कार्य किया है। आर्यभट्ट को लोग शून्य का जनक इसलिए मानते हैं, क्योंकि उन्होंने अपने ग्रंथ आर्यभटीय (498 ई.) केगणितपाद 2 में एक से अरब तक की संख्याएं बताकर लिखाहै 'स्थानात् स्थानं दशगुणं स्यात' मतलब प्रत्येक अगली संख्या पिछली संख्या से दस गुना है। उनके ऐसे कहने से यह सिद्ध होता है कि निश्चित रूप से शून्य का आविष्कार आर्यभट्ट के काल से प्राचीन है।
◆◆पिंगलाचार्य भारत में लगभग 200 से 500ईसा पूर्व के बीच छंद शास्त्र के प्रणेता पिंगलाचार्य हुए हैं (चाणक्य के बाद) जिन्हें द्विअंकीय गणित का भी प्रणेता माना जाता है। इसी काल में पाणिनी हुए हैं जिनको संस्कृत का व्याकरण लिखने का श्रेय जाता है। अधिकतर विद्वान पिंगलाचार्य कोशून्यका आविष्कारकमानते हैं।पिंगलाचार्य के छंदों के नियमों को यदि गणितीय दृष्टि से देखें तो एक तरह से वे द्विअंकीय (बाइनरी) गणित का कार्य करते हैं और दूसरी दृष्टि से उनमें दो अंकों के घन समीकरण तथा चतुर्घाती समीकरण के हल दिखते हैं। गणित की इतनी ऊंची समझ के पहले अवश्य ही किसी ने उसकी प्राथमिक अवधारणा को भीसमझा होगा। अत: भारत में शून्य की खोज ईसा से 200 वर्ष से भी पुरानी हो सकती है।
◆◆ बख्शाली पाण्डुलिपि :गणित के एक बहुमूल्य ग्रंथ बख्शाली पाण्डुलिपि के कुछ (70) पन्ने सन् 1881 में खैबर क्षेत्र में बख्शाली गांव के निकट बहुत हीजीर्ण अवस्था में मिले थे। ये भोजपत्र पर लिखे गए हैं। इनकी भाषा के आधार पर अधिकांश विद्वान इन्हें 200 ईसा पूर्व से 300 ईस्वी का मानते हैं। यह ग्रंथ इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि यह शुल्व सूत्री (वैदिक) गणित के ईसा पूर्व 800 से लेकर ईसा पूर्व 500 के काल के बाद के गणितीय रूप को दर्शाता है। इस पाण्डुलिपि में शून्य का जिक्र है।भारत में उपलब्ध गणितीय ग्रंथों में 300 ईस्वी पूर्व का भगवती सूत्र है जिसमें संयोजन पर कार्य हैतथा 200 ईस्वी पूर्व का स्थनंग सूत्र है जिसमें अंक सिद्धांत, रेखागणित, भिन्न, सरल समीकरण, घन समीकरण, चतुर्घाती समीकरण तथा मचय (पर्मुटेशंस) आदिपर कार्य हैं। सन् 200 ईस्वी तक समुच्चय सिद्धांत के उपयोग का उल्लेख मिलता है और अनंत संख्या पर भी बहुत कार्य मिलता है।
◆◆ ईशावास्योपनिषद् के शांति मंत्र में कहा गया है-ॐपूर्णमद: पूर्णमिदं पूर्णात्‌ पूर्णमुदच्यते।पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते।।यह मंत्र मात्र आध्यात्मिक वर्णन नहीं है, अपितु इसमें अत्यंत महत्वपूर्ण गणितीय संकेत छिपा है, जो समग्र गणित शास्त्र का आधार बना। मंत्र कहता है, यह भीपूर्ण है, वह भी पूर्ण है, पूर्ण से पूर्ण की उत्पत्ति होती है, तो भी वह पूर्ण है और अंत में पूर्ण में लीन होने पर भी अवशिष्ट पूर्ण ही रहता है। जो वैशिष्ट्य पूर्ण के वर्णन में है वही वैशिष्ट्य शून्य व अनंत में है। शून्य में शून्य जोड़ने या घटाने पर शून्य ही रहता है। यही बात अनन्त की भी है।हमारे यहां जगत के संदर्भ में विचार करते समय दो प्रकार के चिंतक हुए। एक इति और दूसरा नेति। इति यानी पूर्णता के बारे में कहने वाले। नेति यानी शून्यता केबारे में कहने वाले। यह शून्य का आविष्कार गणना की दृष्टि से, गणित के विकास की दृष्टि से अप्रतिम रहा है।भारत गणित शास्त्र का जन्मदाता रहा है, यह दुनिया भी मानने लगी है।
◆◆यूरोप की सबसे पुरानी गणित की पुस्तक"कोडेक्स विजिलेन्स" है। यह पुस्तक स्पेन की राजधानी मेड्रिड के संग्राहलय में रखी है। इसमें लिखा है-"गणना के चिन्हों से (अंकों से) हमें यह अनुभव होता है कि प्राचीन हिन्दुआें की बुद्धि बड़ी पैनी थी तथा अन्यदेश गणना व ज्यामिति तथा अन्य विज्ञानों में उनसे बहुत पीछे थे। यह उनके नौ अंकों से प्रमाणित हो जाता है, जिनकी सहायता से कोई भी संख्या लिखी जा सकती है।"नौ अंक और शून्य के संयोग से अनंत गणनाएं करने की सामर्थ्य और उसकी दुनिया के वैज्ञानिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका की वर्तमान युग के विज्ञानी लाप्लास तथा अल्बर्ट आईंस्टीन ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।
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स्रोत: गूगल ब्लॉग,कौशलेन्द्रम मिश्र अतिदलित जी,आशुतोष की कलम से....
https://www.facebook.com/ashutoshkikalam

शुक्रवार, 8 जनवरी 2016

सोशल मिडिया से युद्ध का ऐलान करते महारथी (social Media War)

#War #युद्ध
◆ दृश्य एक: 24 दिसम्बर 1999 को इस्लामिक आतंकवादियों ने  में इंडियन एयरलाइंस फ्लाईट 814 का
आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया और उसे अफगानिस्तान के कंधार ले गए.. 178 यात्री थे जिसमें से एक यात्री रूपीन कत्याल विरोध करने के कारण मारा गया. बाकी 177 मुसाफिरों ने भारीे हथियारों से लैस आतंकियों का कोई विरोध करने की हिम्मत नहीं दिखाई..

◆ दृश्य दो:  मुसलमान आतंकवादीयों ने ग्यारह सितम्बर 2001 अमेरिका में ट्वीन टावर आतंकवादियों ने उड़ाया..यात्रियों से भरे एक हाइजैक जहाज को आतंकवादी व्हाइट हाउस की ओर ले जा के तत्कालीन राष्ट्रपति जार्ज बुश के आवास पर गिराना चाहते थे मगर यात्रियों ने आतंकियों से लड़ाई की.काकपिट तक पहुचता देख "अल्लाह हूँ अकबर के नारे के साथ" मजबूरी में आतंकियों को विमान पहले गिराना पड़ा. सभी यात्री मारे गये..सभी आतंकी मारे गए।।व्हाइट हाउस सुरक्षित रहा..

◆ दृश्य तीन: आतंकवादी अयूब_अल_खज्जानी ने एम्स्टर्डम से पेरिस जा रही एक हाई स्पीड ट्रेन में एक47 और बमो से लैस होकर हमला किया। ट्रेन में यात्रा कर रहे अमरीकी एंथोनी सालडर, एलेक स्कारलाटोस और स्पेंसर स्टोन ने इस्लामिक आतंकवादी #अयूब_अलखज्जानी से ट्रेन में भिड़ गए और आतंकवादी को धर दबोचा..इस गोलाबारी में दर्जनों की जान जा सकती थी मगर तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए..

◆दृश्य चार:पुनः कांधार हाइजैक से सम्बंधित है..विमान अपहरण के बाद यात्रियों के परिजनों की इकट्ठा भारी भीड़। सभी का कहना था की किसी भी कीमत पर उन्हें उनके परिजन जीवित चाहिए एक की भी जान अब नहीं जानी चाहिए..सरकार चाहे आतंकी छोड़े या वार्ता करे सेना भेजे या कोई भी कीमत दे मगर कोई भी मरना नहीं चाहिए..अंततः अटल बिहारी वाजपेयी ने कांग्रेस समेत सभी दलों की सहमति से 3 खूंखार आतंकवादियों को छोड़ा और सभी यात्री वापिस आये..

◆ दृश्य पांच: वर्तमान का दृश्य...भारत में हुए पठानकोट आतंकी हमले के बाद हम सब सोशल मिडिया से युद्ध की घोषणा कर रहे है..मैं सन 1999 के पुराने आर्काइव वीडियो खंगाल रहा हूँ जिसमे विमान हाइजैक में फसे यात्रियों के परिवारों के कुछ लोग ये कहते मिल जाए  "मरते हैं परिजन तो मरने दो मगर आतंकवादियों को रिहा करके घुटने मत टेको..हमें परिजनों से प्यारा हमारा देश है.."
कई घंटो की खोज के बाद ऐसा वीडियो मिल नहीं पाया...आप में से किसी को मिल जाए तो जरूर भेजिएगा..मुझे वो वीडियो Narendra Modi के पास भेजकर उनको याद दिलाना है की हम लोग सिर्फ फेसबुक से तोप नहीं चलाते, आप युद्ध कीजिये विपत्ति काल में  सैनिको के साथ साथ हम आम भारतीय भी अपने परिवार समेत मरने को तैयार थे.

आशुतोष की कलम से
https://www.facebook.com/ashutoshkikalam

ट्वीट :   @ashu2aug 


गुरुवार, 7 जनवरी 2016

पाकिस्तान नीति :मोदी का यू टर्न या कांग्रेसी कुकर्मों का फल

‪#‎मोदीसरकार‬ ‪#‎अच्छेदिन‬ ‪#‎यूटर्न‬?
सत्ता से बाहर रहकर युद्ध और सर काटने की बात करने वाली भाजपा आज युद्ध से भाग रही है..मोदी ने U टर्न मार लिया??आओ कांग्रेसियों,वामियों,आपियों,पापियों मैं बताता हूँ की पाकिस्तान से युद्ध क्यों नहीं कर सकता मोदी..
दरअसल ये प्रधानमंत्री मोदी का ये U टर्न तुम्हारे कुकर्मो का फल है..‪#‎कांग्रेस‬(04-14) और ‪#‎वामपंथियों‬ (04-09)ने कहाँ भारत के रक्षा तंत्र को पंहुचा दिया ●वामपंथी और कांग्रेसियों अपने दस साल के शासन काल में भारतीय सेना,वायुसेना,BSF को ISI के एजेंटो का दूसरा घर बना दिया है तुमने जिसकी सफाई पिछले डेढ़ साल से कर रहा है Narendra Modi..और हर रोज ISI के कांग्रेसी दामाद गिरफ्तार हो रहे हैं..

● कामपंथी और अल-खान्ग्रेसियों 10 साल में तुमने कितने आयल रिजर्व बनाये??युद्ध सिर्फ बयान से नहीं लड़े जाते.आयल रिजर्व भारत के पास कितने दिनों का था जब मोदी ने सत्ता संभाली? सितम्बर 2015 से मोदी सरकार नए आयल रिजर्व बना रही है जिससे की तुम्हारे कुकर्मो और ऐय्याशियों से तबाह सेना को हिम्मत मिले..
● युद्ध के लिए कम से कम 40 दिन की सामग्री होनी चाहिए.. इटली वाली बाई और मौनी बाबा की कृपा से सेना के पास 40 दिन तक चलने वाला सिर्फ 10 फीसदी गोला बारूद ही था। जबकि 50 फीसदी से ज्यादा गोला-बारूद तो केवल एक हफ्ते तक के लिए मौजूद था।
● चीन के पास 60 से 80 दिन का रिजर्व है और भारत के पास??कांग्रेसियों तुमने दलाली के चक्कर में सिर्फ 7 दिन का रिजर्व रख छोड़ा था..और बाते करोगे को मोदी क्यों युद्ध नहीं कर रहा..
●याद है अल-खान्ग्रेसियों तुमने 10 साल में सेना को इतना तबाह कर दिया की भारतीय सेना का जनरल तुम्हे चिट्टी लिखता रहा,चिल्लाता रहा की भारत की सेना के पास लड़ने को हथियार नहीं और तुम लोग 2G,3G जीजाG,कॉमनवेल्थ और कोयला से अपना मुह काला करते रहे..सेना चीखती रही और तुम अपना बिस्तर गर्म करके जज बनाने में व्यस्त रहे..
● विमानों खरीद में तुमने इतनी घटिया दलाली की राजनीति चली की दलाली न मिलने के कारण 10 साल में विमानों को खरीदने का आर्डर नहीं दे पाये वो तो भला हो नरेंद्र मोदी का जिन्होंने "राफेल डील" को खुद ही फ़्रांस जा के फाइनल करके हताश हो रही एयरफोर्स को नयी हिम्मत दी वरना कांग्रेस का बस चलता तो उड़नताबूत बन चुके आउटडेटेड MIG में ही मरने देती वायुसेना के पायलटों को..यही डील कांग्रेसियों तुमने पहले फाइनल कर दी होती तो आज तक ये विमान हमारे एयरफ़ोर्स के हैंगरों में पहुच चुके होते..
● गलती से कांग्रेस ने हेलीकॉप्टर और सेना के ट्रक खरीद लिए तो उसे "ऑगस्टा वेस्टलैंड हेलीकाप्टर घोटाला" और "टाट्रा ट्रक घोटाला" नाम से ये देश जानता है..
● अब आते हैं नौसेना की स्थिति पर, याद है न क्या हालात बना दी थी तुम कांग्रेसियों ने 2004 से 2014 तक हादसों की झड़ी लगा दी और नौसेना की शान INS सिंधुरक्षक का खड़े खड़े तबाह हो जाना और 18 नौसैनिकों का मरना वो जख्म है जिसे सिर्फ एक हादसा नहीं माना जा सकता था। नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके जोशी ने तो इस्तीफा दे दिया मगर उसके बाद फिर हादसे का होना ये बताने को पर्याप्त था की 10 सालों में नेविवारशिप का रखरखाव हुआ नहीं या हुआ भी तो बड़ी हथियार दलाल लाबी इसमें सम्बद्ध थी..
● घोटाले और मुफ्तखोरी से तबाह देश का खजाना तुमने मोदी को दिया था जो कोई युद्ध नहीं झेल सकता था। यही कारण है की उस देश के खजाने को भरने के चक्कर में आज मोदी कभी सेस बढ़ाता है तो कभी पेट्रोल डीजल पर वैट बढ़ा के देश को मजबूत करता है और हमारी थोक के भाव गालियां भी सुनता है.
● अब कांग्रेस और वामपंथियों की अवैध राजनैतिक संतति,टोपी वाली नौटंकी गैंग के गुर्गों..तुम लोग तो कांग्रेस से भी गए गुजरे हो तुम्हारी नौटंकी चलती ही है फ्री के वाईफाई, फ्री के बिजली,फ्री के पानी पर तो अगर युद्ध हुआ तो तुम्हे जीत हार से मतलब नहीं होगा तुम्हे मतलब होगा युद्ध के बाद निश्चित बढने वाली महंगाई से.. महंगाई बढ़ गई जी..मोदी ने टैक्स लगा दिया जी..LG हमे काम करने दे रहा जी...ऐंड सो आन नौटंकी आन इट्स पीक..
★★★ अब कुछ मानसिक रूप से अपरिपक्व बच्चे, ये कहेंगे की अब तो मोदी है जो करना है कर लो...तो भाई जहाजो के आर्डर मोदी खुद फ़्रांस में देकर आया है...जहाज का आर्डर दिया है न की पिज्जा का जो दो मीनट में बनकर आधे घंटे में आ जाये, कुछ साल लगेंगे बनाने और डिलिवरी में..सेना का आधुनिकीकरण जारी है.नए आयल रिजर्व अगस्त सितम्बर 2015 से बनने शुरू हो गए..करोडो के हथियारों की खरीद को रक्षामंत्री मनोहर पारिकर ने अप्रूव कर दिया. कांग्रेस की चहेती हथियारों की दलाल लाबी को लात मार के भगा दिया गया है..एक एक सौदे पर PMO की नजर है...Rajnath Singh के विभाग वाले सेना व एयरफोर्स में कांग्रेस के ISI वाले दामादो को रोज पकड़ रहे हैं.आप के पास अरबो रूपये हो तो भी एक मकान बनाने में समय लगता है तो यहाँ तो पूरे रक्षा तंत्र का फिर से जीर्णोद्धार करना है ऐसे तीव्र गति से काम हुआ तो 5 साल में खड़े होने लायक होंगे और कम से कम 10 साल में दौड़ने लायक..और यदि जैसा पहले कांग्रेसी जमाने में था वैसी स्पीड रही तो चीन है ही खड़ा 1962 दोहराने के लिए....
आशुतोष की कलम से