शुक्रवार, 26 मई 2017

हे उज्मा तुम आईना हो भारत में रहने वाले पाकिस्तानी भारतीयों का

#उज्मा
उज्मा ने तो पाकिस्तान में, किसी के प्रेम के चक्कर में धोखा खाया और वापस आई तो, जो सर अल्लाह के अलावा कहीं न झुकाने का फरमान "सऊदी अरब" से मिला है उसे मानने से इंकार करते हुए , वो सर मातृभूमि के लिए झुक गया..और हाँ किसी बजरंगदल या आरएसएस के दबाव में नहीं .और बस एक इसी कारण चाहे तुमने 5  शादियाँ की या 15,तेरे सारे गुनाह माफ़ है उज्मा..
मगर लाखों हैं इस ओर, जिन्होंने उस ओर का पाकिस्तान नहीं देखा।उनकी पीढियां हिन्दुस्थान का खा रही हैं हिन्दुस्थान में रह रही हैं,मगर दिल पाकिस्तान के लिए धड़कता है..आँखे खोलो और देखो, तुम्हारी बिटिया को भी नहीं छोड़ा पाकिस्तानी गिद्धों ने। जीपी सिंह नामक "काफ़िर डिप्लोमेट"ने इसे दूतावास् में अपनी बिटिया की तरह रक़्खा और एक सुषमा स्वराज नाम की भाजपाई संघी बिदेश मंत्री ने दिन में चार चार बार फोन करके इसे ढांढस दिया और सुरक्षित वापस घर ले आई...मगर तुम समझोगे नहीं,बिना दोजख देखे पाकिस्तान जिंदाबाद करना छोड़ोगे नहीं.
अब जब कभी वंदे मातरम साम्प्रदायिक लगे,भारत माता की जय काफिराना लगे और पाकिस्तान के लिए प्यार उमड़े,तो एक बार अपनी बिटिया को अच्छे से देखकर उज्मा की कहानी याद कर लेना।
हे उज्मा तुम आईना हो भारत में रहने वाले पाकिस्तानी भारतीयों का....स्वागत है उज्मा....

नोट : पोस्ट का उद्देश्य उज्मा जो भारत की बेटी बनाना या महिमामंडन नहीं है बल्कि उन भारतीय मुस्लिमो और सेकुलर हिन्दुओं को पाकिस्तान का सच बताना है जो पाक के प्रति संवेदना रखते हैं,

आशुतोष की कलम से

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

आप को ये लेख कैसा लगा अपने विचार यहाँ लिखे..