शुक्रवार, 2 जनवरी 2015

कैसे मिला PK को सेंसर बोर्ड से प्रमाणपत्र???

कैसे मिला PK को सेंसर बोर्ड से प्रमाणपत्र???
फिल्म PK को जब सेंसर बोर्ड में भेजा गया उसी समय सेंसर बोर्ड के सदस्यों ने इसे घोर आपत्तिजनक करार दिया था और इन दृश्यों और संवादों को संज्ञान में लेने के लिये कहा था।। इस तथ्य का खुलासा एक चिट्ठी के माध्यम से हुआ है।। आप सब के संदर्भ के लिए सदस्य द्वारा लिखी गयी चिट्ठी की स्नैपशॉट संलग्न  है। अब प्रश्न ये है की हिन्दू मान्यताओं पर अपमानजनक टिपण्णी के बाद भी इसे सेंसर बोर्ड से कैसे पास किया गया। विरोध का पत्र सदस्यों ने सेंसर बोर्ड की अध्यक्षा को लिखा था फिर क्यों उन्होंने इस फिल  के आपत्तिजनक दृश्यों और संवादों पर रोक नहीं लगाया??? ऐसी खबर भी आई की इसके लिए 8 करोड़ रूपये का घूस सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष को दिया गया।। अब ये तो जाँच का विषय है ।।मगर अध्यक्षा महोदय के बारे में कुछ जानकारियां मैंने जुटाई जो किसी और दिशा में ही संकेत करती हैं।।
# अध्यक्ष महोदया का नाम लीला सैमसन है।।
# पिता बैंजिमन अब्राहम सैमसन ज्वीश हैं।
# माता लैला रोमन कैथोलिक हैं।
# इनकी आंटी ऐनी "अंजुम इ इश्लाम मुश्लिम स्कूल" की 31 साल तक प्राचार्य रही।
# कांग्रेस सरकार में अच्छी पैठ होने के कारन शर्मीला टैगोर खान के बाद इन्हें सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष पद कांग्रेस के एक बड़े मंत्री की मेहरबानी से मिला...
# लीला सैमसन प्रियंका गाँधी की डांस टीचर थी
ये कुछ तथ्य है जो इस महोदया के जीवन के बारे में है। इन तथ्यों की माने तो बाल्यकाल से ही इनका परिवेश ईसाई या मुश्लिम रहा है  जिसमे हिन्दू मान्यताओं का खंडन और विरोध बसता है।। इतने जिम्मेदार पद पर होने के कारण लीला सैमसन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती थी की वो किसी की धार्मिक भावना आहत न करे।। मगर बार बार सदस्यों द्वारा विरोध के बाद भी इस फिल्म को सेंसर से प्रमाणपत्र मिलना इस बात पर संशय खड़ा करता है।। संभव है ईसाई  मिशिनारियों या किसी इश्लामिक समूह के अजेंडा को आगे बढाते हुए इस फिल्म को प्रमाणपत्र मिला हो या 8 करोड़ की दलाली के लिए ऐसा हुआ हो या दोनों ही बाते हो  मगर सेंसर बोर्ड के पत्र से एक बात स्पष्ट है की आमिर खान  की इस फिल्म में हिन्दुओं की धार्मिक भावना से खिलवाड़ हुआ है और आपतिजनक संवाद प्रसिद्धि हेतु रक्खे गए हैं जो की विरोधऔर भर्त्सना का विषय है।।

आशुतोष की कलम से
#beinghindu