गुरुवार, 11 दिसंबर 2014

बलूचिस्तान के नरसंहारों का नया इतिहास लिखती पाकिस्तानी सरकार और सेना

#stopbalochgenoside #balochfreedom
ये तस्वीर पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जे में रक्खे गए बलूचिस्तान की है। यहाँ आजादी की मांग कर रहे बलूचों का पाकिस्तानी सरकार और सेना ठीक उसी प्रकार का नरसंहार और बलात्कार कर रही है जिस प्रकार सन 1971 में पूर्वी पाकिस्तान-बांग्लादेश में  पाकिस्तानियों ने किया था।। यहाँ इश्लामिक नियमो के अनुसार स्त्री शिक्षा प्रतिबंधित है।। आजादी के लिए उठने वाली हर आवाज को गोलियों की सहायता से सर्वदा के लिए शांत कर दिया जाता है।। एक ओर जहाँ पाकिस्तान हिन्दुस्थान के अभिन्न हिस्से कश्मीर के लोगो के लिए UN(यू एन) तक मुह फाड़ता रहता है तो दूसरी ओर पाकिस्तान ने अपने कब्जे वाले बलूचिस्तान में जनसंहारों की एक लम्बी श्रृंखला बना रक्खी है। हिन्दुस्थान सरकार को चाहिए की अपने गैर सरकारी स्रोतों की सहायता से बळूचों का ये मुद्दा अंतर्राष्ट्रीय फोरम पर पहले से अधिक तीव्रता के साथ उठाये और एक स्वतंत्र बलूचिस्तान बनाने में वहां के लोगो की सहायता करे। आखिर जब कश्मीर में UNO आब्जर्वर जा सकते हैं तो बलूचिस्तान में क्यों नहीं?? इस मुद्दे में सरकार चाहे तो तिब्बत की निर्वासित सरकार के लिए हिमांचल में धर्मशाला में जिस प्रकार भूमि दी है उसी प्रकार पुलवामा,अनंतनाग,श्रीनगर या असम के किसी क्षेत्र में बलूचिस्तान की एक निर्वासित सरकार बनवाकर उनको कुछ स्थान प्रदान करके बलूच स्वतंत्रता आन्दोलन को आगे बढ़ा सकती है।। आखिर जब पाकिस्तान कश्मीर में आतंकवाद फ़ैलाने के लिए लगातार योजनायें बना सकता है तो भारत सरकार बलूचिस्तान में जनसंहार रोकने के लिए कुछ कदम क्यों नहीं उठा सकती।। स्वतंत्र बलूचिस्तान मानवता और हिन्दुस्थान दोनों के लिए,पाकिस्तान के कब्जे वाले बलूचिस्तान की अपेक्षा कम हानिकारक होगा।।

आशुतोष की कलम से
#beinghindu

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