रविवार, 5 अक्तूबर 2014

स्वछता अभियान का एक प्रयास आप भी करें

मित्रों सामन्यतया आज कल हम जिस कलम से लिखते हैं उसका रिफिल ख़त्म होने के बाद उसे फेंक कर नया पेन लाते हैं। इससे पेन के रूप में वातावरण में E-कूड़ा इकठ्ठा होता रहता है।। मैंने कुछ महीनो से एक नया प्रयोग किया है। घर में जिस भी कलम का इंक ख़तम हुआ उसे न फेंक कर इकठ्ठा करता हूँ और उसकी रिफिल (जो लगभग 1 से 1.5 रूपये की होगी) ला कर उस पेन को रास्ते में मिलने वाले या आस पास के किसी गरीब बच्चे(जिसके लिए पेन खरीदना एक बड़ा कार्य होता है) को दे देता हूँ। इससे दो बाते होती है।।
# पेन को कूड़े के रूप में जाने से बचा कर मैं वातावरण परिवेश की स्वच्छता सफाई रखता हूँ।( जरुरी नहीं झाड़ू से ही सफाई हो)
# एक needy बच्चे तक पेन पहुचाकर उसके विकास में अंशमात्र की भागीदारी प्राप्त कर संतुष्ट होता हूँ।।
*** अभियान सिर्फ सरकारों के भरोसे नहीं चलते अपने आस पास देखें ऐसे हजारो तरीके मिल जायेंगे। अपने मूल अधिकारों के साथ साथ राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों को भी समझें।।।
इस पोस्ट को लाइक शेयर या कमेन्ट की जगह इसे अपने जीवन में उतारिये मेरा प्रयास ज्यादा सफल होगा....

आशुतोष की कलम से

#beinghindu

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