रविवार, 6 नवंबर 2011

भाई राजीव जी के स्वदेशी आन्दोलन की अगली कड़ी - स्वदेशी पीठम ...

मित्रों..
आजादी बचाओ आन्दोलन के संस्थापक भाई राजीव दीक्षित  जी के नाम से हम सभी परिचित  हैं..
सत्य अर्थों में कहें तो एक अमर हुतात्मा जिसके अन्दर राष्ट्रभक्ति एवं राष्ट्र स्वाभिमान की भावना कोटि कोटि विद्यमान थी..काल चक्र अनवरत चलने के साथ साथ कभी कभी धैर्य परीक्षा की पराकाष्ठा करते हुए हमारे प्रति  क्रूर हो जाता है..कुछ ऐसा ही हुआ और इसे देशद्रोही विरोधियों का षड्यंत्र कहें या नियति का विधान राजीव भाई पिछले साल हमारे बिच से चले गए ..समयचक्र चलता रहा और कब एक साल निकल गया पता ही नहीं चला मानो प्रतीत होता है , कल की ही बात है जब राजीव भाई अपने व्याख्यानों एवं प्रयोगों से हमारा मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन कर रहें है..पिछले  एक वर्ष  में कई बार ऐसा प्रतीत हुआ की राजीव भाई के जाने के बाद स्वदेशी और आजादी बचाओ आन्दोलन अपने असामयिक अंत की ओर न बढ़ जाये.. मगर शायद राजीव जी और विवेकानंद जैसे महापुरुषों को इश्वर मनुष्यता के एक प्रेरणाश्रोत के रूप में हमारे बीच अल्पावधि के लिए भेजता है जिनके स्थापित उच्च आदर्शो और विचारों पर चलकर मानवता,धर्म ,देशभक्ति एवं समाज के पुनर्निर्माण की नीव रक्खी जानी है...राजीव भाई के स्वप्न एवं जनजागरण के अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उनके अनुज भाई प्रदीप दीक्षित  ने बाबा रामदेव जी के आशीर्वाद से स्वदेशी भारत पीठम ट्रस्ट के माध्यम से पुनः आन्दोलन को आगे बढ़ाने का कार्य प्रारंभ किया है.. इसी कड़ी में राजीव भाई की कर्मस्थली वर्धा में, उनके जन्मदिवस और प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर  "स्वदेशी दिवस" समारोह  का आयोजन किया जा रहा है जिसमें देश के विभिन्न भागों से लगभग ४ से ५ हजार लोग उपस्थित होंगे..इसी सन्दर्भ में  प्रदीप दीक्षित जीका व्याख्यान ६ नवम्बर(रविवार) को नई दिल्ली में जनकपुरी स्थित आर्य समाज मंदिर में भाई अरुण अग्रवालजी के देखरेख एवं प्रबंधन  में संपन्न हुआ..
औपचारिक रूप से स्वदेशी भारत पीठम की ये पहली कार्यकारिणी बैठक भी थी जिसमें दिल्ली और पास के राज्यों से कुछ समर्पित कार्यकर्त्ता उपस्थित हुए एवं सेवाग्राम में होने वाले स्वदेशी मेले के आयोजन के सन्दर्भ में परिचर्चा की गयी...
आप सभी बंधुओं,माताओ एवं बहनों से अनुरोध है की "स्वदेशी दिवस" समारोह में वर्धा सेवाग्राम में उपस्थित  होकर अपने विचारो से अवगत कराएँ एवं राजीव भाई के स्वदेशी,स्वावलंबी भारत के कार्यक्रम में सहयोग करके राष्ट्रनिर्माण के पावन कार्य में सहयोग दे....
अधिक जानकारी के लिए आप  राजीव भाई की वेबसाइट  पर जा सकते हैं..



जय श्री राम....
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11 टिप्‍पणियां:

  1. आशुतोषजी, आपकी लेखनी को नमन।
    बहुत अच्छा लिखते हो। कृप्या इसे जारी रखे।

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  2. राजीव जी की विचारधारा को आगे बढ़ाने का प्रयास देखकर हर्ष हुआ..
    जय माँ भारती

    अनूप जायसवाल.कुसुम्ही..

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  3. भाई आशुतोष जी
    बहुत ही सुन्दर लिखते है आप | आपका धनयवाद
    राजीव भाई के सपनो का भारत बनाने के लिए आपका प्रयास अवश्य ही रंग लायेगा |

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  4. बिलकुल मैं आरहा हूँ आप लोगो कि व्यवस्था के लिय ..पन्द्रह दिन पहले ही जा रहा हूँ ..जय स्वदेशी जय भारत ..

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  5. आशुतोष जी सही मायने में राजिव भाई हमें बहुत कुछ सिखा गए , और शायद अभी बहुत से लोगों को राजिव भाई के विचारों को सुनने की आवश्यकता है, क्यूंकि आज जिस तरह से हमारे देश का सत्यानाश हो रहा है विभिन्न माध्यमो से उन्हें सिर्फ और सिर्फ राजिव भाई बनकर ही बचाया जा सकता है, वैसे वर्धा के कार्यक्रम में तो मिलना होगा ही , और वहीँ आकर आपसे बहुत सारी बातें करेंगे !
    राजिव भाई की याद हमेशा रुला देती है !

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  6. आशुतोष भाई, राजिव भाई दीक्षित सदैव हमारे भीतर हमारा भारत बनकर जीवित रहेंगे| पिछले एक वर्ष में समय समय पर उनकी कमी हमे खली|
    व्यक्यिगत रूप से उनसे जुड़ाव के चलते वे अधिक याद आते हैं| मैं भी पहुँच रहा हूँ वर्धा, वहां आपसे खुलकर बहुत सारी बातें करनी हैं|

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  7. आसुतोस जी ,.आपकी लेखनी कमॉल की है.
    सुंदर लेख,लिखते रहे खूब आगे जायेगें ,..बधाई
    मेरे नए पोस्ट जरूर आना स्वागत है ...

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  8. @ ६ नवम्बर(रविवार) को नई दिल्ली में जनकपुरी स्थित आर्य समाज मंदिर


    आशुतोष भाई एक फुनवा तो कर देते... चल पड़ते साथ-साथ.

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  9. जय श्री राम जय हनुमान.

    मेरे ब्लॉग पर आप बहुत दिनों बाद आये मन को हर्ष हुआ.
    सांपला में आपके शुभ दर्शन भी पाए,तन मन हर्षित हो
    गया.

    आना जाना बनाये रखियेगा,आशुतोष भाई.

    आनेवाले नव वर्ष की बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएँ.

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