शनिवार, 9 अप्रैल 2011

भारतीय मुसलमान,इस्लाम और आतंकवाद..

कुछ आगे लिखने से पहले बोल दू की मेरी ये रचना तथाकथित सेकुलर लोगों को अच्छी नहीं लगेगी..मगर हाँ एक हिन्दुस्तानी के नजरिये से आप देखें तो शायद सत्यता प्रतीत हो..कृपया सिर्फ शुरु की पंक्तिया पढ़कर किसी नतीजे पर न आयें..


भारत में इस्लाम: भारत में इस्लाम का इतिहास लगभग सातवी शताब्दी से है जो १८ वीं शताब्दी तक रहा..कटु सत्य ये है की ये १००० साल भारत के लिए बहुत ही बर्बर और सामूहिक नरसंहारों से भरे रहे..भारत में बड़ी संख्या में बलात धर्मांतरण ,बलात्कार , अमानवीय अत्याचार किये गए..ये बातें में नहीं कह रहा हूँ इस्लामिक इतिहास में कई जगह ये उल्लेख मिलता है..भारत में इस्लाम के आगमन की योजना ६ वीं शताब्दी में बनायीं गयी...
अरबी इतिहासकार मुजामलुत तवारीखी को सत्य माने तो सन ६३५-६३८ के बिच दमिस्क के खलीफा नए भारत पर आक्रमण की योजना बनायीं और आक्रमण शुरु हो गया उम्मीद से अधिक संगठित हिन्दू विरोध के कारण उसके सैनिक भाग गए..
सन ६६० में पहले इस्लामिक गिरोह ने सफलता पाई भारत के कुछ हिस्सों में कब्ज़ा करने की और उसके बाद हजारो हिन्दुओ के नरमुंड सड़कों पर..कामुकता के मारे हुए इन शासकों ने हिन्दू स्त्रियों का बलात्कार किया और कुछ को कैद किया तो कुछ को दमिस्क में अपने खलीफाओं की भूख मिटने के लिए भेज दिया गया..मंदिर और प्रासाद तोड़े गए..फिर अगले ४ साल तक ये कत्ले आम चलता रहा..
एक अन्य इस्लामिक इतिहासकार अल बिलादुरी के अनुसार" सिनान नमक एक मुस्लिम आक्रमणकारी जो खलीफा के निर्वाचन में यहाँ आया था बहुत ही देवतुल्य व्यक्ति था..उसने अपने सभी सैनिको को पत्नियों से तलक दिला दिया जिससे की
युद्ध के समय पकड़ी गयी हिन्दू स्त्रियों से अपनी काम वासना ये इस्लामी सैनिक बुझा सके..."
मतलब इनका भारत में आना ही लूट मचाने बलात्कार करने और क्रूरता के लिए था..मैं फिर कह रहा हूँ की ये इस्लामिक इतिहासकार ही कह रहें है,..एक अन्य इतिहासकार के अनुसार पकड़ी गयी ५ औरतों में १ को हिन्दुस्थान में रखा जाता था ४ को अरब भेज दिया जाता था खलीफा और उसके गुर्गों के काम वासना तृप्त करने के लिए..
इसी क्रम में अनेक क्रूर कमी मुस्लिम शासकों की लम्बी फेरहिस्त है जिसमें मुहमद गजनवी,कासिम,गोरी,बख्तियार,बलबन,खिज्र बहलोल लोदी,गियासुदीन और ऐसे अनेको आक्रमणकारियों ने भारत के लोगों को लूटा और स्त्रियों का बलात्कार किया..

ये क्रम १००० सालों तक चलता रहा जब तक लुटरों की दूसरी अंग्रेजी पीढ़ी नहीं आ गयी..
अफ़सोस ये है की हम आज भी इन आतताइयों के विरोध में बोलने वालो को सांप्रदायिक बोलतें है. और इतिहास में मुग़ल कल को सबसे उन्नत काल मन जाता है जिस काल में सर्वाधिक बलात्कार,हत्या और धर्मान्तरण हुआ..इन १००० सालों के रक्त रंजित इतिहास को आप और हम या सेकुलर लोग भी झुठला नहीं सकते..
बिच बिच में कुछ हिन्दू शासकों ने प्रबल विरोध किया मगर संगठित न होने के कारण पूरे हिन्दुस्थान को इन इस्लामिक आताताइयों के कब्जे से नहीं वापस ले सके..

आज का हिंदुस्थानी मुस्लिम: अगर आज के वर्तमान समाज के मुस्लिमों को देखा जाए तो 98% मुस्लिमों के पूर्वज हिन्दू रहे थे और उन्हें सीमा से ज्यादा यातना और अत्याचार कर के इस्लाम स्वीकार कराया गया..जिनकी आगे की पीढियां आज की हिंदुस्थानी मुस्लिम के रूप में है...अतः में नहीं समझता कोई मुसलमान भाई इन आताताइयों के समर्थन में होगा ..क्यूकी इन इस्लामी आक्रमणकारियों के शिकार आज के मुस्लिम भाइयों की माँ बहन और परिवार सैकड़ो साल पहले हो चुके थे..
मैं यहाँ किसी पूजा पद्धति या धर्म को बदलने की बात नहीं कह रहा हूँ में सिर्फ हिंदुस्थानी मुस्लिमों को उनका इतिहास और उनकी पीढ़ियों के साथ की गयी बर्बरता को सामने रख रहा हूँ..

आज इस्लाम क्या है:
आज के समय इस्लाम में दो धाराएँ है एक तो अल कायदा के इस्लाम को मानता है एक जो अलकायदा के इस्लाम को नहीं मानता..और दोनों ही धड़े एक दुसरे को गलत कहतें है..
भारत का मुस्लिम क्या अलकायदा समर्थक इस्लाम को मान रहा है: नहीं ,मैं इस तथ्य से बिलकुल सहमत नहीं हूँ..
दुनिया में सबसे ज्यादा मुस्लिम इंडोनेसिया में रहते है..क्या आप को मालूम है की दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा देश, मुस्लिम जनसँख्या के आधार पर भारत है.. यानि अफगानिस्तान ,पाकिस्तान और अरब कही से ज्यादा मुस्लिम भारत में है..फिर भी यहाँ तालिबान जैसे हमले तो नहीं हो रहें है..न ही यहाँ पाकिस्तान जैसे ब्लास्ट हो रहें है..न ही यहाँ पर ९/११ हो रहा है..अगर सभी मुस्लिम अलकायदा की विचारधारा को मानते तो भारत आज पाकिस्तान की तरह गृहयुद्ध में फसा होता..यहाँ के मुस्लिम की एक अलग सोच बन रही है जो एक नए धर्म "भारतीय मुसलमान" को दर्शाती है..जो अलकायदा का विरोध करता है और भारत को अपना देश मानता है..
मगर शायद कुछ १-२% मुस्लिम ऐसे है जो SIMI को समर्थन देते है ..मंदिरों में बम फोड़ते है..ये संख्या १-२% ही है मगर एक सड़ी मछली पूरे तालाब को गन्दा कर देती है..उसी तरह कुछ मुसलमान आने कुकृत्यों के कारण पूरे भारतीय मुसलमानों को बदनाम कर रहें है..यहाँ एक बात और है की शायद इन १-२% मुसलमानों के पूर्वज वो ही आततायी रहे होंगे जो आक्रमणकारी के रूप में आये थे..बाकि के ९८% मुसलमानों के जींस तो हिन्दू ही है सिर्फ उन्होंने पूजा पद्धति बदल ली है..तो स्वाभाविक हिन्दू सहअस्तित्व का गुण तो होगा ही इनमें..
हाँ शायद भारत के मुसलमान की कुछ और समस्याए हो जैसे सामाजिक स्वीकार्यता,वोट बैंक की तरह इस्तेमाल ,साम्प्रदायिक दंगे..इत्यादि इत्यादि..मगर ये सब हिन्दुओं के साथ भी है अतः इसे एक राष्ट्रीय समस्या के रूप में देखा जाना चाहिए..
मुसलमानों को भी अपना विवेक इस्तेमाल करते हुए उदारता दिखानी चाहिए वरना ये बात भी उठती है की भारत का एकमात्र एक मुस्लिम बहुल राज्य है कश्मीर जहा हिन्दुओं को उनके घर से ही भगा दिया गया..चाहे गुजरात में कितने भी गोधरा हुए हों मगर आज का मुस्लिम वहा रह सका है व्यापार कर सकता है ..मगर ऐसा कश्मीर में हिन्दुओं के लिए क्यों नहीं दोबारा हो सकता क्यूकी १-२% कासिम और बाबर की औलादें अभी भी है भारत में और उनको इस देश से निकलने का काम हमारे मुस्लिम भाइयों का है क्यूकी इन बाबर की औलादों के किये का खामियाजा सामान्य मुस्लिम को चुकाना पड़ता है,देशद्रोही का तमगा सर पर लगाकर..

चलिए एक आह्वान करें ..इन बाबर की औलादों को हिंदुस्तान से बहार करें और हिन्दू बने या मुस्लिम..उन सबसे पहले एक भारतीय बने...

जय हिंद वन्दे मातरम

28 टिप्‍पणियां:

  1. अति सुन्दर लेख के लिए बधाई आशुतोष जी.
    सबसे पहले हमे भारतीय ही बनना चाहिये.
    कोई भी धर्म बुरा नहीं होता.धर्म की सही जानकारी का न होना,बेवजह की कट्टरता को ओढ़े रखने,उन्मादग्रस्त रहना आदि ही समस्त
    समस्याओं को जन्म देतें हैं .इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है यह समझना होगा सभी को.मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर करना.

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  2. आशुतोष जी,

    आप होते कौन हैं दूसरे के धर्म के बारे में बोलने वाले? दूसरे धर्म की बुराई कर के आपने असल में हिंदू धर्म का अपमान किया है, हिंदू धर्म क्या सिखाता है, क्या आप जानते नहीं हैं? सहिष्णुता, सद्भावना, धैर्य, कर्तव्यनिष्ठा यह एक हिंदू की विशिष्टता होती है, परनिंदा हमारे धर्म में नहीं सिखाई जाती, आप तुरंत एक लेख लिख कर BBLM पर अपने इस लेख पर आपत्ति दर्ज कीजिये अन्यथा आपको BBLM मंच से निष्कासित कर दिया जायेगा |

    आपने कुछ मुस्लिमों के द्वारा हिंदू धर्म के खिलाफ लिखे गए लेखों से प्रभावित होकर यह लेख लिखा है तो यह सरासर हिंदू धर्म का अपमान है,

    मेरे इस कमेन्ट से आपको शिकायत हो सकती है कि मैं उन मुस्लिमों के लेखों पर टिप्पणी क्यूँ नहीं करता? तो इसका जबाब सिर्फ यह है कि किसी भी धर्म की बुराई करने वाला सिर्फ एक "असामाजिक तत्व" होता है और ऐसा करने वाला एक कुत्ते से अधिक नहीं होता और कुत्तों के भौंकने पर ध्यान नहीं देना चाहिए

    याद रखिये - क्षमा बडन को चाहिए छोटन को अपराध

    तुरंत एक लेख लिख कर इस लेख पर अपनी आपत्ति दर्ज कराएं

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    1. sun jada ustad mat ban...........cutiya..sala...

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    2. yogendar ji sahisunta bhi itnai hi honi chiye ki vaha sahisunta rahe ,na ki kayarta ban jaye .our jab muslim humre bare me nahi sochte to hum kiyo soche ......agar shiva ji maharaj yahi sochte to kahbi bhi hindvi swraj ki sthapana nahi hoti.....kiya akabar our babar ne jab hindu mandir tode ,humari mata bahno ki asmat luti ,jab humre hindu bhai bahno ko talwar ke dam par muslim banaya jab unho ne socha ,sawal bahut he ap jawab nahi de payenge .....our agar apko lagta he to ye mahashwari.bh@gmail.com fb ka account he add kare phir dehkte he kiya chiz he ap?

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  3. आपने इतिहास को ही तो उदृधृत किया है, इसमें गलत क्या है ?
    एक चिर स्मरणीय पोस्ट।

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  4. राकेश जी एवं परम आर्य जी आभार आप का जो आप ने लेख की भावना को समझा..
    योगेन्द्र भाई: लेख तो मैंने लिख दिया है मगर माफ़ी मांगने के लिए नहीं क्यूकी माफ़ी मांग के आशुतोष से जयचंद नहीं बन सकता..कृपया पढ़ें BBLM पर

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    1. bilkul ashutosh ji aap kyu kisi se mafi mange mafi to yogender pal ji jese log mangege aage ane wali pidiyo se...............

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    2. in haramiyo sey mafi kyu mang na.....saley

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  5. अजी साहेब क्या कहने आपकी पोस्ट के ?

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  6. कट्टरवादिता के ये सारे उदाहरण हैं,मगर कुछ स्वदेश भारत को प्यार करने वाले भी हैं.

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  7. हम पहले इंसान हैं फिर भारतीय और फिर किसी धर्म के मानने वाले...जो अच्छा इंसान होगा वो देश का भी सोचेगा...और जो अच्छा इंसान होगा वो किसी धर्म के पचड़े में नहीं पड़ेगा....धर्मांधता तो बहुत दूर की चीज है...
    अच्छी पोस्ट

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  8. सनातन धर्म और इसलाम के एकत्व को पहचान लिया जाए तो भारत का उद्धार हो जाएगा
    @ मित्र आशुतोष ! हिंदू और मुस्लिम एक माता-पिता की संतान हैं और एक ही ईश्वर की रचना हैं। ये सभी प्रेम से उपजते हैं लेकिन जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं, वे प्रेम के बजाय लालच के अधीन हो जाते हैं। लालच से हरेक धर्म-मत रोकता है। जहां भी जुल्म हुआ या हो रहा है, उसके पीछे आपको लालच ही नज़र आएगा। लालच का अंजाम तबाही है, जिसे हम सभी किसी न किसी रूप में भोग रहे हैं। पाकिस्तान का बंटवारा हुआ तो उसके पीछे भी लालच ही था और उससे पहले हिंदू राजाओं ने सैकड़ों हज़ारों टुकड़ों में बार-बार भारत माता को बांटा तो उसके पीछे भी लालच ही था।
    लालच को कैसे कंट्रोल किया जाए ?
    यह आज की ज्वलंत समस्या है।
    लालच ही भ्रष्टाचार कराता है और लालच ही धर्म से विचलित करता है। राष्ट्रवाद लालच को रोकता नहीं है बल्कि बढ़ाता है। जितने लोगों को आप राष्ट्रवादी समझते हैं। आप उनके शादी-ब्याह और रोज़ाना के काम देख लीजिए, उनके कारोबार के अकाउंट्स देख लीजिए, ज़्यादातर आपको टैक्स चोर मिलेंगे।
    लालच का ख़ात्मा धर्म करता है। धर्म बताता है कि तुम्हें एक दिन मरना भी है और फिर अपने कर्मों का फल भोगना है, इसलिए लालच से बचो और संयम से रहो। न्याय करो, दया और प्रेम करो। मानव बनो।
    हरीश जी का मौजूदा लेख उनके पिछले लेखों की श्रृंखला का ही एक हिस्सा है। उनमें उन्होंने हिंदू धर्म की खूबियों का बयान किया है। अगर आप उन्हें पढ़ लेते तो आपको यह भ्रम न होता कि वे मुसलमानों का तुष्टिकरण कर रहे हैं।
    मुसलमान भला उन्हें दे ही क्या सकते हैं ?
    जिसे पाने के लिए वे ग़लत लिखेंगे ?
    आप हिंदुस्तान के 2 प्रतिशत मुसलमानों को अलक़ायदा आदि का समर्थक किस आधार पर मानते हैं ?
    क्या भारत सरकार ने ऐसा कोई सर्वे कराया है या आपने खुद ही अनुमान लगा लिया ?
    हमें सारे धर्मों की खिचड़ी नहीं पकानी है और न ही भारतीय मुसलमानों का धर्म शेष विश्व से अलग है और न ही उनके इस्लाम का स्रोत अलग है। मानवता को आज भी अपने प्राचीन धर्म की ज़रूरत है, उसी का नाम सनातन धर्म है। हरेक चीज़ अपने लक्षणों से पहचानी जाती है। जब आप सनातन धर्म के लक्षण और इसलाम के सिद्धांतों का अध्ययन करेंगे तो आप पाएंगे कि दोनों एक ही हैं। इसी एकत्व को पहचान लिया जाए तो भारत का उद्धार हो जाएगा।
    कृप्या यह लिंक भी देखें और इसी ब्लॉग पर आपके अध्ययन के लिए काफ़ी कुछ है-
    कमेंट्स गार्डन

    हिन्दू कट्टर कैसे........... ? मेरी नजर में कट्टरता....लेखक-हरीश सिंह

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  9. जमाल भाई..
    हिंदू और मुस्लिम एक माता-पिता की संतान हैं और एक ही ईश्वर की रचना हैं। ये सभी प्रेम से उपजते हैं लेकिन जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं, वे प्रेम के बजाय लालच के अधीन हो जाते हैं। लालच से हरेक धर्म-मत रोकता है। जहां भी जुल्म हुआ या हो रहा है, उसके पीछे आपको लालच ही नज़र आएगा। लालच का अंजाम तबाही है, जिसे हम सभी किसी न किसी रूप में भोग रहे हैं। पाकिस्तान का बंटवारा हुआ तो उसके पीछे भी लालच ही था और उससे पहले हिंदू राजाओं ने सैकड़ों हज़ारों टुकड़ों में बार-बार भारत माता को बांटा तो उसके पीछे भी लालच ही था। :

    सहमत हूँ मगर कुछ लोगों ने सोमनाथ को रौंदा भी था उनका भी जिकर होता तो बढ़िया रहता....
    एम् ऍफ़ हुसैन भाई का क्या करें???




    आप के इस पंक्ति पर मैं निरुत्तर हूँ: """राष्ट्रवाद लालच को रोकता नहीं है बल्कि बढ़ाता है""" मेरा सारा ज्ञान ब्यर्थ है आप के इस दर्शन के सामने..



    अब मुझे लगता है मेरा ज्ञान गलत है.. और इस बहस को प्रारंभ करने के लिए खेद प्रकट करता हूँ..
    चलिए मैंने मान लिया सारे आतंकवादी हिन्दू ही है.. कश्मीर हिन्दुओं ने किया.गोधरा हिन्दुओं ने किया..बामियान (अफगानिस्तान) हिन्दुओं ने किया..पाकिस्तान में सबसे ज्यादा हिन्दू ही तो है ..जो लाल मस्जिद से लेकर स्वात तक फैलें है..
    और ये भारत सरकार क्या सर्वे कराएगी एक अफजल को तो फांसी देने की औकात नहीं ..
    क्या मिलेगा तुष्टिकरण से :
    नेता को मिलेगा :वोट(हलाकि ६२ सालों में सभी नेतोँ ने इस्तेमाल ही किया मुस्लिम बंधुओं को)
    हरीश भाई को क्या मिल रहा है: का हरीश भाई चुनाव लड़े के मूड बनावाताडा का??
    फिर भी में मान लेता हूँ की हिन्दू धर्म आतंकवाद फैलाता है और पिछले २०-२२ सालों से कश्मीर में जेहाद करने वाले हिन्दू हैं..
    प्रयास करूँगा मैं एक हिन्दू आतंकवादी न बनू..
    शांति के लिए वेद कुरआन The absolute पास: बहुत सुन्दर लगा ..मन प्रसन्न हो गया कलुषता जाती रही..मगर क्या हम सभी व्यक्तिगत जीवन में उतार पाएंगे ये एक प्रश्न है??

    जय हिंद

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  10. e !!
    हमें तो महर्षि स्वामी दयानंद ka upkar manana chahiye .उन्होंने ही हिन्दुओं को अपने देश और धर्म के प्रति कटिबद्ध होने का आन्दोलन चलाया था .वर्ना हिन्दू hi खुद को हिन्दू कहलाने से लज्जा करते थे .जो भी आता था हिन्दू धर्म पर आरोप लगा देता था ,और हिन्दू चुप रह जाते थे .जब हिन्दू ठीक से अपने धर्म ग्रंथो को ठीक से नहीं जानते ,और दूसरों के धर्म ग्रंथों की बात तो दूर रही .फिर हिन्दू सटीक जवाब कैसे दे सकते थे. bahut thik likha hai aapn

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  11. अब होते अत्याचारों पर
    मिलकर ये हुँकार भरो
    कहाँ छिपे हो घर मैं बेठे
    निकलो और संहार करो
    आतंकी अफजल , कसाब को
    और नहीं जीने दो अब
    घुस जाओ जेलों मैं मित्रो
    आओ मिलकर वार करो
    कोन है हिटलर ? कोन है हुस्नी ?
    किसका नाम है गद्दाफी ?
    दुष्टों को बस मोत सुना दो
    देना नहीं कोई माफ़ी ….
    कि जो कोई साथ दे उनका ,
    बजाय हुक्म माली सा ,
    सजाय मोत दो उनको
    रूप हो , रोद्र काली सा

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  12. मदन जी बहुत बहुत आभार आप का उत्साह वर्धन के लिए और हिंदुत्व के विरोधियों के लिए सुन्दर कविता के लिए..
    आप की टिप्पणी मेरे व्यक्तिगत ब्लॉग पर थी वहां भी मैंने ये पोस्ट कुछ कारणों से लगायी है...
    धन्यवाद आशा है आगे भी आप का उत्साहवर्धन मिलता रहेगा..

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  13. आशुतोष जी राम-राम,
    आपका ये लेख पढकर फ़िर से खून खौलता है।
    आपने क्या धांसू जवाब दिये।
    जियो दोस्त जियो, अब ये कुछ चिडल्लू लोग समझे होंगे, कि सच्चाई कडवी क्यों होती है।
    इसी प्रकार लगे रहो।

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  14. Aashutosh ji Bhahut hi accha lekh hai aapka. Deshhit mei likhtey rahiyey barana Bhartiya sanskrit ek din Lupt ho jayegi.

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  15. I am totaly agree with you it may be possiable that some secularist will not be agree but this is true.


    thanks for this valuable article

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  16. "और ऐसा करने वाला एक कुत्ते से अधिक नहीं होता और कुत्तों के भौंकने पर ध्यान नहीं देना चाहिए" कितनी बढ़िया पंक्ति लिखी है पाल साहब ने। पर वे स्वंय कुत्तों के भौंकने पर ध्यान न देने की सलाह देते हैँ और दूसकरी तरफ सिर्फ एक कुत्ते के भौकनें पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं बल्कि माफी मांगने के लिए भी कह रहे कि क्यों भौंका। क्षमा करना आशुतोष जी आपको कुत्ता नहीं कहां बल्कि पाल साहब की सलाह पर एक स्पष्टीकरण मांगा है।

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  17. @अजित जी: आज ही आपका कमेन्ट पढ़ा, तो उत्तर भी दे देता हूँ

    मैं आशुतोष जी की भावनाओं की क़द्र करता हूँ, और मैंने नहीं कहा कि आप भौंक रहे हैं, मैं सिर्फ यह कह रहा हूँ कि जो भौंक रहे हैं उनको भौंकने दो, खुद आगे बढते रहो और जब आप इनके बीच से निकल जाओ तब इनके मुंह बंद करवा दो|

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  18. वाकई मे बेबाक कलाम।
    ऐसी बेबाकी जो नपुंसक सेकुलर मीडिया के बस की बात नही है।
    ऐसे ही पर्दाफाश करते रहे.।

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  19. भाई तुमने कहा की अगर यहाँ के मुसलमानों की सोच वैसे होती तो यहाँ भी बोम्ब ब्लास्ट हो रहे होते , यहाँ भारत गृह युद्ध में फंसा होता , तो भाई बताओ क्या भारत की स्तिथि ऐसी नहीं है क्या , कहाँ बम नहीं ब्लास्ट होता , जहा पे इनकी आबादी ज्यादा है वह पे शान्ति क्यों नहीं है , कश्मीर केरल , और महाराष्ट्र के गाँव और क्या यहाँ के मुस्लिम गाये नहीं काटते . हिन्दुओ से दंगे नहीं करते . कश्मीर में सैनिको और वह की पुलिस को निशाना नहीं बनाया जाता . अमरनाथ जाने वालो को पत्थर नहीं मारे जाते .
    अब सुनो की यहाँ पे अब भी ये हमपे हावी क्यों नहीं है .यहाँ पे मुग़ल राज कायम हो जाने के बाद अब फिर से हिन्दू राज क्यों है . क्यूंकि यहाँ पे उनका पाला शेरो के साथ पड़ा है जो सारा दिन सोया रहता है , पर अपने ऊपर कष्ट बढ जाने पे किसी को नहीं छोड़ता. हिंदु ज्यादातर अपने धर्म के प्रति संवेदनशील नहीं हैं . पर धर्म पे कोई बड़ा संकट आने पे क्षत्रिये रूप धारण करने में इनको कोई समय नहीं लगता .
    बाकी आप मेरी चार लाईनों में छिपे हुए 10 पेज के सन्देश को समझ गए होंगे .
    जय श्री राम

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  20. aap kese kah sakte h ye ki islam dara dhmka ke fela h iska koi sabut h kya aapke pass . ager nahi h to esi bat na kaho jo ki sahi na ho ham aaj bhi apne muslim hone par garv h

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  21. @ zishaan bhati ji
    आप जरा देख लें की मैंने इतिहासकारों का सन्दर्भ दिया है जो की स्वयं भी मुश्लिम हैं..

    कश्मीर हिन्दुओं ने किया.गोधरा हिन्दुओं ने किया..बामियान (अफगानिस्तान) हिन्दुओं ने किया..पाकिस्तान में सबसे ज्यादा हिन्दू ही तो है ..जो लाल मस्जिद से लेकर स्वात तक फैलें है..

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  22. yahan par kuch hindu log ke post padh kar dukh hota hai jo gussa ho rahe aise lekh se..kyun naa un sab deshdrohiyon ko assaam bhej diya jaye jahan woh HUM TUM BHAI BHAI ka gaana gaayenge aur saamne se HUM TUM DUSHMAN DUSHMAN kar ke uska galaa kaat lenge toh aise logo ko dekh kar mazaa aayega..kya aap ne dekha ki muslim bhi aisa boltey hain..? kya aap ne dekha ki muslim bharat ko apna desh maantey hain hinduon ke rehtey me,? kya aap ne dekha ki koi musalmaan apne dharm ki buraai karta ho par apne hindu dharm me bahot mil jayenge...aaj final result toh yahi hai ki hinduon ka astitva sankat me hai..aur gali me ek babur, aur lodi jaise log janam le chuke hain jinka ek sapna hai...BHARAT KE SATH SATH PURI DUNIA PAR ISLAM KA KABZAA

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